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हरामखोर मूवी रिव्यू: नवाजुद्दीन सिद्दीकी का अभिनय और देहात की खुशबू

15966237_1615044495178935_7452445629488825409_nइस शुक्रवार रिलीज हुई फिल्‍म ‘हरामखोर’ जिसे निर्देशित किया है श्‍लोक शर्मा ने और मुख्‍य भूमिका निभायी है नवाजुद्दीन सिद्दकी और श्‍वेता त्रिपाठी ने. इस फिल्‍म के कई निर्माताओं में से एक हैं अनुराग कश्‍यप. इस फिल्‍म की कहानी मैं नवाज, श्‍याम के किरदार में हैं जो एक स्‍कूल टीचर हैं और अपनी ही स्‍टूडेंट संध्‍या, जो की उम्र में काफी छोटी है, के साथ अवैध संबंध बनाता है. यहां संध्‍या के किरदार में हैं श्‍वेता त्रिपाठी.

अपनी पिछली फिल्म्स ‘देव डी’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से दर्शकों की एक खास क्लास के साथ मीडिया में अपनी अलग पहचान बना चुके डायरेक्टर श्लोक शर्मा की यह फिल्म करीब 3 साल पहले रिलीज होनी चाहिए थी। पिछले तीन साल से तैयार इस फिल्म की प्रॉडक्शन कंपनी ने भारत में इस फिल्म को रिलीज करने से पहले इसे कुछ नामी फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाने का फैसला किया। जिसका कंपनी को फायदा भी मिला।

दरअसल इस फिल्‍म का प्रचार यह कहकर किया गया कि यह फिल्‍म बाल शोषण पर है. लेकिन फिल्‍म देखकर लगता है कि फिल्‍म में बाल शोषण तो हैं लेकिन स्‍वेच्‍छा से है और फिल्‍ममेकर ने उसे मुद्दा बनाकर प्रचार का हथियार बनाया है. फिल्‍म की कहानी लम्‍हों के सहारे आगे बढ़ती है. कहानी बहुत छोटी है. बाल शोषण की बात है तो मुझे उम्‍मीद थी कि फिल्‍म में इसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी लेकिन ऐसा नहीं होता और आपको लगता है कि फिल्‍ममेकर आखिर क्‍या कहने की कोशिश कर रहा है.

इस फिल्म ने ‘लॉस ऐंजिलिस फिल्म फेस्टिवल इंडिया कैटेगिरी’ में अवॉर्ड हासिल करने के साथ कई और फेस्टिवल में अवॉर्ड जीते। न्यू यॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में नवाजुद्दीन सिद्दीकी को बेस्ट ऐक्टर का अवॉर्ड मिला तो इस फिल्म से पहले ‘मसान’ और ‘त्रिष्णा’ में अपनी ऐक्टिंग का लोहा मनवा चुकी श्वेता त्रिपाठी को भी बेस्ट ऐक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला। वहीं, अगर इंडियन बॉक्स ऑफिस पर हम हरामखोर के भविष्य की बात करें तो ऐसा नहीं लगता कि इतने अवॉर्ड मिलने के बावजूद फिल्म बॉक्स आफिस पर कोई करिश्मा कर पाएगी। दरअसल, लंबे इंतजार के बाद अब जाकर रिलीज हुई इस फिल्म का क्रेज ज्यादा नजर नहीं आ रहा है।

कहानी: मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव के सरकारी स्कूल में श्याम टेकचंद (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) मैथ टीचर हैं, सुबह स्कूल में पढ़ाने के बाद शाम को वह अपने घर में भी स्कूल के कुछ स्टूडेंट्स को टयूशन देते हैं। श्याम शुरू से ही कुछ रंगीले स्वभाव का रहा है, कुछ अर्सा पहले उसने अपनी ही एक स्टूडेंट सुनीता से शादी कर ली थी। अब श्याम की क्लास में संध्या शर्मा (श्वेता त्रिपाठी) नाम की एक करीब पंद्रह साल की स्टूडेंट भी पढ़ती है, संध्या खूबसूरत है, काफी अर्से से श्याम की उस पर खास नजर है। स्कूल के बाद शाम को संध्या के साथ दो लड़के कमल और मिंटू के अलावा कुछ और स्टूडेंट्स भी श्याम से पढ़ते हैं। कमल दिल ही दिल में संध्या को चाहता है और छोटी उम्र के बावजूद उससे शादी करने का ख्याली पुलाव पका रहा है।

कमल का बेस्टफ्रेंड मिंटू इसमें उसकी मदद कर रहा है। दूसरी और श्याम भी संध्या के साथ संबध बनाना चाहता है। संध्या के पिता पुलिस इंस्पेक्टर हैं और ज्यादातर नशे में धुत रहते हैं। पिता के साथ रह रही संध्या इस सच को भी जानती है कि उसके पिता किसी और के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में है। श्याम अक्सर संध्या को ट्यूशन पढ़ाने के बाद उसके साथ घर तक छोडने चल देता है, ऐसे ही एक दिन इन दोनों के बीच नाजायज रिश्ता बन जाता है, वहीं कमल अब भी संध्या के साथ शादी करने का प्लान बनाने में लगा है, एक स्कूल टीचर और नाबालिग स्टूडेंट के बीच पनपती नाजायज रिश्तों की यह कहानी एक बेहद खतरनाक मोड़ पर जाकर खत्म होती है ।

निर्देशन: ऐसा लगता है रीयल लोकेशन पर शूट इस फिल्म की स्क्रिप्ट पर कंपलीट काम नहीं हुआ। फिल्म की एडिटिंग काफी बिखरी बिखरी है तो फिल्म का सब्जेकट कुछ ज्यादा ही बोल्ड होने की वजह से सेंसर बोर्ड ने फिल्म को कई डिस्क्लेमर के साथ पास किया है। जो फिल्म के बीच बीच में स्क्रीन पर दिखाई देकर दर्शकों को डिस्टर्ब करने का काम करते है। वहीं संध्या के पिता के किरदार पर ज्यादा काम नहीं किया गया, रात को शराब के नशे में धुत होकर घर वापस आने के कुछ सीन्स के अलावा पिता पुत्री के बीच चंद संवाद तक सिमटे इस किरदार पर अगर फुल होमवर्क किया जाता तो पिता -पुत्री के बीच का रिश्ता भी इस कहानी का अहम हिस्सा बन पाता। ऐसी फिल्मों की खास ऑडियंस होती है और इस सिमटी ऑडियंस को श्लोक शर्मा की इस फिल्म में कुछ अलग नजर आ जाएगा।

नवाज एक अच्‍छे अभिनेता हैं और यहां भी उनका अभिनय काफी दमदार है. इस फिल्‍म की जान हैं फिल्‍म की दो बच्‍चे यानी मास्‍टर इरफान और मास्‍टर मोहम्‍मद समद, जो फिल्‍म को मनोरंजक बनाए रखते हैं. अभिनय तो उनका अच्‍छा है ही पर कास्टिंग की भी तारीफ करनी पड़ेगी. मेरे हिसाब से यह थी फिल्‍म की खामियां और खूबियां.

वैसे भी यह फिल्म दीपिका पादुकोण की हॉलिवुड ऐक्शन फिल्म xXx और आदित्य रॉय कपूर-श्रद्धा कपूर की रोमांटिक फिल्म ‘ओके जानू’ के साथ रिलीज हो रही है। ऐसे में ‘हरामखोर’ सीमित और अलग क्लास की फिल्म के शौकीनों के बीच ही सिमटकर रह जाएगी।

About Rohit Dhyani

Observer, Explorer, Senior Correspondent, Writer, Activist, Nature lover, Traveller. A passionate writer, an amateur blogger and a self-proclaimed movie critic. My head rests in the Library and my heart lies in the Movie Theatre.

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