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फ़िल्म समीक्षा-कबीर सिंह रोमांस और इंटेन्मेंट शानदार फ़िल्म


शहज़ाद अहमद / नई दिल्ली
बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर की फिल्म कबीर सिंह की चर्चा तभी से होने लगी थी जब इसका फर्स्‍ट लुक सामने आया था। हैवी बीयर्ड लुक, चेहरे पर गुस्‍सा, आंखों में इश्‍क का नशा और सिर पर प्रेम को पाने का जुनून। शाहिद कपूर ने एक स‍िरफ‍िरे आशिक के रोल ने यह साबित कर दिया कि कुछ रोल केवल वही कर सकते हैं। हैदर में भी उनका रोल ऐसा ही था। कबीर सिंह, तेलुगू फिल्म अर्जुन रेड्डी का हिंदी रीमेक है, जोकि एक आशिक की कहानी है। इस फ‍िल्‍म में शाहिद और क‍ियारा की दमदार एक्टिंग देखने को म‍िली है। संदीप वांगा ने बेहद खूबसूरत तरीके से कबीर सिंह को बनाया है। संदीप ने ही अर्जुन रेड्डी बनाई थी। कबीर सिंह एक कंपलीट मसाला फ‍िल्‍म है जो इश्‍क की हद पार करती है। इसमें कॉमेडी है, इमोशंस हैं। इस फ‍िल्‍म की खासबात ये है कि 3 घंटे से भी लंबी कहानी होने के बावजूद ये आपको बोर नहीं करेगी। कॉमेडी पंच, छिछोरे टाइप के कॉमेडी सीन्‍स आपको ठहाके लगाने पर मजबूर कर देंगे। कहानी: कबीर सिंह द‍ि‍ल्‍‍‍ली के एक मेडिकल स्टूडेंट कबीर राजधीर सिंह (शाहिद कपूर) की कहानी है, जिसे बहुत ज्यादा गुस्सा आता है। अपने गुस्‍से पर उसका बिल्कुल कंट्रोल नहीं होता है। कबीर को अपनी जूनियर प्रीति से प्यार हो जाता है। वह कॉलेज में अनाउंस करा देता है कि प्रीति उसकी है। कबीर की धमक के चलते न तो उसकी कोई रैगिंग कर पाता है और ना आंख उठाकर देख पाता है। कॉलेज से पास होकर कबीर मंसूरी में मास्टर्स करने चला जाता है और प्रीति दिल्ली में ही रह जाती है, हालांकि वह 15 दिन भी कबीर से अलग नहीं रह पाती और मिलने मंसूरी पहुंच जाती है। फिर दोनों आए दिन मिलने लगते हैं। पढ़ाई पूरी होती है और कबीर शादी की बात करने प्रीति के घर आता है। और प्रीति के पिता उसे घर से भगा देते हैं। वह प्रीति को अपना बनाने की हर कोशिश करता है लेकिन उसके प्रीति की शादी कहीं और कर दी जाती है। प्यार में असफल होने के कारण वह शराबी बन जाता है और अजीब तरह की हरकतें करने लगता है। कबीर की इन हरकतों की वजह से उसके पिता (सुरेश ओबेरॉय) उसे घर से निकाल देते हैं। इसके बाद वह बंबई में अपनी डॉक्‍टरी पर फोकस करता है। शराब के कारण तबियत खराब होती जाती है और नशे में एक मरीज का इलाज करने के आरोप में उस पर पांच साल का प्रतिबंध लग जाता है। प्रीति उसकी जिंदगी से जा चुकी होती है फ‍िर भी उसे पाने का जुनून उसके सिर पर सवार होता है। पटरी से उतरी जिंदगी, परिवार से हुए अलगाव को वह कैसे संभालता है, प्रीति उसकी जिंदगी में वापस आती है या नहीं, यही है कबीर सिंह की कहानी। हैदर, उड़ता पंजाब जैसी फ‍िल्‍मों में अगर आपने शाहिद को देखा है तो आप जानते होंगे कि शाहिद कपूर गजब के कलाकार हैं। कबीर सिंह शाहिद कपूर के उसी अंदाज की वापसी है। पूरी फ‍िल्‍म में उनसे नजर नहीं हटती है, वहीं कियारा की मासूमियत ने तो दिल जीत लिया है। बड़े फ‍िल्‍ममेकर्स ने भले ही कियारा को बड़ी अदाकारा ना समझा हो, लेकिन इस फ‍िल्‍म से उन्‍होंने साबित कर दिया है कि उन्‍हें अगर मौका मिलेगा तो वह दिग्‍गज अदाकाराओं को मात देने में पीछे नहीं रहेंगी।

कलाकार: शाहिद कपूर, कियारा आडवाणी, सोहम मजूमदार, अर्जन बाजवा आदि

निर्देशक: संदीप वांगा रेड्डी

निर्माता: भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, मुराद
खेतानी, अश्विन वर्दे

स्टार 3/5

About Ravi Tondak

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