Home / Movies / पैड मैन (सेनेटरी पैड) का कॉन्सेप्ट क्या फिल्म भर का मुद्दा है. जरा सोचिये

पैड मैन (सेनेटरी पैड) का कॉन्सेप्ट क्या फिल्म भर का मुद्दा है. जरा सोचिये

सोशल मीडिया पर पैड के साथ फोटो क्लिक करा कर लोग बड़े धड़ल्ले से डाल रहे है. अनूठा कैंपेन सोशल मीडिया पर छाया हुआ है  पैड मैन के नाम पर. 

 पैड को हाथ में लेकर फोटो क्लिक करा के फेसबुक पर डालना. ट्विंकल खन्ना, राधिका आप्टे, सोनम कपूर, दीपिका पादुकोण, अर्जुन कपूर, अक्षय कुमार, शबाना आज़मी और ना जाने कितने बॉलीवुड के सितारे पैड के साथ फोटो डालकर और आगे बॉलीवुड के लोगो को टैग करके अपना काम पूरा करने में लगे हुए है.

PadMan Movie Review by GetMovieInfo

एक सवाल इन सब बॉलीवुड के सितारों से, क्या पैड की फोटो शेयर करना या केमिस्ट से पैड खरीदना आज की समस्या है?
सोशल मीडिया पर बहुत लोगो का जवाब ना होगा. फेसबुक, ट्विटर या और भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म से हमारी गरीब औरते दूर है, बहुत दूर है.  जो पैड खरीदने की हैसियत रखता है वो तो खुले आम या चुप चाप जाकर ले ही आता है. पहले ये जानने की कोशिश करते है ये पैड मैन का कांसेप्ट कहा से आया?

Akshay, Twinkle and PadMan Team in Delhi for Promotion

ये कहानी थोड़ी पुरानी पर आखों देखी है, आज से 3-4 साल पहले एक इवेंट में पहली बार अरुणाचलम मुरुगनाथम की कहानी सुनी की समस्या कहा है? दिल्ली, मुंबई, जैसे बड़े शहरों में लोगो के लिए पैड लेना इतनी बड़ी समस्या नहीं है. फिर भी अगर आपको जानकारी ना हो तो आपके डॉक्टर्स या गैर सरकारी संस्थाएँ आपको बता देती है की पीरियड्स के समय आपको साफ़ सुथरा पैड इस्तेमाल करना होता है ताकि आप बहुत सारी बीमारियों से बच सके. अरुणाचलम मुरुगनाथम जिसके जीवन पर यह फिल्म पैड मैन बन रही है ने लो-कॉस्ट सेनेटरी नैपकीन इसलिए तैयार किया था कि देश की गरीब महिलाओं को भी सस्ता नैपकीन मिल सके.
कुछ ब्रांड्स की कॉस्ट देखते है, व्हिस्पर जाना माना ब्रांड जो सेनेटरी पैड बहुत पहले से बना रहा है, उसकी कीमत है, 80 रुपए, 7 पैड के लिए. स्टेफ्री ड्राई-मैक्स देता है, 85 रुपए, 7 पैड. इन्ही में आपको थोड़ा ज्यादा और कम दाम भी मिल जाएगा.
अब महीने का एवरेज निकलते है, कम से कम एक औरत महीने में 15-20 पैड जरूर इस्तेमाल करती होगी. चलिए आप 10 भी लगा लीजिये. 100-150 रुपए कही नहीं गए. और ये तो कम से कम है.

अरुणाचलम मुरुगनाथम का लॉजिक क्या था पैड मैन बनने के पीछे? 

देश की गरीब से गरीब महिलाओं को भी सस्ता नैपकीन मिल सके. क्युकि उनको पता है सेनेटरी नैपकिन क्या है पर उनको उसके लिए अपनी फॅमिली के खाने का बजट काटना पड़ेगा.
देश की लगभग 85 प्रतिशत महिलाये अभी भी सेनेटरी पैड्स इस्तेमाल नहीं करती. उन तक ये नैपकीन पहुंचना.
बड़ी नैपकीन कंपनियों के लाभ का धंधा बने नहीं रहने देना चाहते थे.
कम कीमत में छोटी-छोटी मशीनें बनायी, बाद में उन्हें देश भर की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उपलब्ध कराया.
उनकी मुहिम ब्रांडेड सेनेटरी नैपकीन कंपनियों और उनकी कीमतों के खिलाफ थी.
पीरियड्स तो रोजमर्ह का एक हिस्सा है. हम सबके घरों में पीरियड्स सबको पता होता है. हम उसको  डिस्कशन लेवल पर ओपनली ले गए अच्छी बात है. पर आज भी कितने शहरों में कितने गांव में ये इशू  इस फिल्म से सुलझेगा.देश की गरीब महिलाओं को माहवारी के दौरान सस्ता नैपकीन चाहिए, न हो तो साफ कपड़ा भी चलेगा. वो कहा से महंगे सेनेटरी पैड खरीद पायेगी.
पीरियड्स या सेनेटरी पैड इतनी बड़ी प्रॉब्लम नहीं जितनी उसकी कॉस्टिंग है. क्युकि ‘पीरियड’ या ‘मासिक-धर्म’ स्त्रियों के लिए कोई नया मुद्दा नहीं है. इसका इतिहास उतना ही पुराना है जितना कि स्त्री का होना. सबसे ज़रूरी बात जो इस मद्देनज़र है, वह यह है कि इस मुद्दे पर जितनी सार्थक चर्चा होनी चाहिये, वह अब भी नहीं हुई है.
मंदिर में बार बार रजस्वला औरतों के प्रवेश की पाबंदी पर सवाल उठाया जाता है, तब बहस स्त्री-पुरुष के बराबरी के अधिकारों की आ जाती है. क्युकि हमने पीरियड्स को प्रॉब्लम समझ रखा है. उसकी चर्चा उतनी ही जरुरी. जैसे हम अपना खाना, अपना दिन अपने डाइनिंग टेबल पर चर्चा करते है. तो पीरियड्स की प्रोब्लेम्स, या पीरियड्स क्यों नहीं हम आम लेते. समस्या क्या जागरूकता फैलाना है या, हमारे आसपास की महिलाएँ, हेअल्थी पीरियड्स के साथ रहे.
आज कल ब्रांडेड पैड्स के साथ प्लास्टिक मटेरियल है, जो की एक महिला की सेहत के लिए बहुत हानिकारक है. इसलिय साफ़ सफाई के साथ, हमे बायोडिग्रेडेबल तरीके इस्तेमाल करना चाहिए. ताकि महिलाओ की सेहत के साथ साथ, हमारा पर्यावरण भी सुरक्षित रहे.
पीरियड्स के सेनेटरी पैड विज्ञापन हम सबने जरूर देखा होगा. परन्तु क्या आपको याद है किसी पैड बनाने वाली कंपनी ने पीरियड का स्त्राव दिखाने के लिए नीले रंग की स्याही के अलावा किसी और रंग का इस्तेमाल किया हो? अगर हमे पीरियड्स को प्रमोट करना है तो क्यों ना हम सही में खून का रंग लाल दिखाए. पीरियड को एक चुप-चुप मुद्दा बनाये रखने की कोशिश को हम यहाँ सही दिखाकर जागरूकता सही मायने में फैला सकते है.
खैर, जिस बात पर सबसे ध्यान देने की ज़रूरत है, वह यह है कि पीरियड में आप चाहें सेनिटरी पैड इस्तेमाल में ला रही हों, क्लॉथ-पैड का प्रयोग करती हों या फ़िर टैम्पॉन, कप जैसी चीज़ों का इस्तेमाल करती हों, इसे बस औरतों की गुप-चुप बात न बनाए रखें. इसके बारे में बात करें, अपने घर के मर्दों से बात करें, घर पर काम करने आने वाली औरतो से बात करें, अपनी बेटी से बात करें, अपनी माँ से सवाल-जवाब करें, अपने किशोर होते बेटों को समझाएं ताकि उनके दिमाग में कोई अधूरी या गलत  जानकारी घर न कर जाए.

Bollywood Movies release in 2018

हमे कुछ सवालो के जवाब सही तरह से समाज में प्रस्तुत करने पड़ेगे, जैसे, पीरियड ब्लड सिर्फ गंदे खून है जो एक महिला के शरीर से मुक्त हो जाता है और यह भयानक बदबू आती है। और जैसे क्या  टैम्पॉन क्या सिर्फ वर्जिन इस्तेमाल करते है? और भी ऐसे बहुत सारे सवाल जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है.
पैड मैन की सबसे अच्छी बात यही होगी कि सिनेमा और बड़े लोगो के माध्यम के ज़रिये पीरियड्स पर वह बात तो हो रही है जो आम-लोगों तक जायेगी और लोग शायद एक कदम आगे बढाएगे. पॉलिथीन में सेनेटरी पैड लेना बंद कर देंगे, केमिस्ट भी खुलकर दे पाएंगे. छोटा ही सही इतना तो बनता है. वर्ना सोशल मीडिया जैसे प्लेटफार्म पर तो कभी भी हैशटैग से बहस शुरू हो जाती है और उससे खत्म होते हुए भी देर नहीं लगती.
शायद हम उस दिन पर पहुंच जाए जिस दिन हमारे छोटे शहरों में गांव में छोटी छोटी मशीने लगे जिस पर वहाँ की महिलाएँ अपने लिए पैड्स बना सके और उनका इस्तेमाल कर सके. ताकि हमारे देश की हर महिला पीरियड्स में साफ़ रह सके और स्वस्थ रहे. और सबसे जरुरी बात ये पैड्स उन्ही की जेब काटने को मजबूर ना करे. स्वस्थ नारी स्वस्थ देश.
Ravi Tondak

About Ravi Tondak

I am a fun freak. Love watching movies and specially attached to the movie world. Cinema is close to my heart. This site (www.getmovieinfo.com) is an effort to make Cinema reach far and wide to its audience. I would love to connect with like-minded people and improve your experience at this site.

Check Also

Sridevi’s last film will be Shah Rukh Khan starrer Zero

Legendary actress Sridevi passed away on Sunday following a massive heart-attack in Dubai. The 54-year-old …