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रानी पद्मावती को हिलाने की कोशिश में अनारकली ऑफ आरा

कहते हैं, की कुछ लोग, या कुछ चीज़ें चुम्बक की तरह विवाद को अपनी ओर खींचतीं हैं | ट्रॉलिंग और ट्रेंडिंग के इस दौर मैं, यही बात कई गुना बढ़-चढ़ कर सामने आती है | हाल ही में रिलीज़ हुई संजय लीला भंसाली की फिल्म “पद्मावत” भी इसी श्रेणी में आती है | जब से इस फिल्म को बनाने की घोषणा हुई है, तब से एक विवाद ख़त्म नहीं होता की दूसरा आ खड़ा होता है |

फिल्म को रिलीज़ न होने देने के करनी सेना के प्रदर्शन से लेकर रिलीज़ होने के बाद के हंगामे के बीच एक और विवाद सामने आया है | फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने फिल्म रिलीज़ के तुरंत बाद निर्देशक संजय लीला भंसाली को एक “ओपन लैटर” लिखा जिसमे उन्होंने साफ़ साफ़ शब्दों में फिल्म में दिखाए जौहर की प्रथा को बढ़ा चढ़ा कर दिखाने का विरोध किया है |

दरअसल 1540 में लिखी, मालिक मोहम्मद जयसी की कविता में चित्तोड़ की रानी पद्मिनी में अपने पति की हत्या के बाद, अलाउद्दीन खिलजी से अपने आप को बचाने के लिए आग में कूद कर जौहर किया था|

फिल्म “अनारकली ऑफ़ आरा” में मुख्य किरदार निभाने वाली स्वरा भास्कर  ने अपने ख़त में कई बातें रखी हैं, उनमे से कुछ हैं :

  • औरतें चलती फिरती वेजाइना नहीं हैं|
  • यह अच्छी बात है की वेजाइना का आदर किया जाये, किसी कारणवश ऐसा नहीं होता तो इसका मतलब यह नहीं, औरत जी नहीं सकती|
  • वेजाइना के अलावा भी दुनिया हैं, और बलात्कार के बाद भी जीवन है |
  • मुझे वेजाइना की तरह महसूस हुआ। ऐसा लग रहा है मैं वेजाइना बन कर रह गयी हूँ |

स्वरा के इस ओपन लैटर के बाद सोशल मीडिया भी दो हिस्सों में बंटा हुआ नज़र आया :

लेकिन सबसे तीखी प्रतिक्रिया आई भंसाली की फिल्म राम लीला के सह लेखकों सिद्धार्थ-गरिमा की तरफ से जिन्होंने, “एन ओपन लैटर टू आल वेजाइनास” में

  • क्या रानी पद्मावती ने अपने पति को लगभग आदेश देते हुए , ‘वेजाइना’ की तरह महसूस किया है, जो झूठे पुजारी को बाहर निकालने के लिए बाध्य करता है? वजाइना के रूप में वह एक निर्णय लेती है
  • जो लोग पद्मावती को देखने के बाद ‘वेजाइना’ की तरह महसूस करते हैं, उन्हें ‘योनि’ की तरह महसूस करना जारी रखना चाहिए क्योंकि वे कभी भी उस शक्ति को समझ नहीं पाएंगे। दुनिया बनाने और चलाने की शक्ति। ऐसे लोग ‘नारीवाद’ के लिए सबसे बड़ी रूकावट हैं |

बहरहाल, वाद विवाद के इस खेल में अगर हम ये देखें की इसका असर फिल्म के प्रदर्शन पर क्या पड़ा है, तो ऐसा लगता है की इसमें फिल्म का फ़ायदा ही फ़ायदा है| फिल्म रिलीज़ के पहले चार दिनों के अन्दर ही 100 करोड़ क्लब में शामिल हो गयी है | अब देखना ये है की ये विवाद, कब तक इस फिल्म का हाथ थामे रखेंगे |

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